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Monday, 21 July 2014

Dost Ki Maa Ki Chudai

हेलो दोस्तो मेरा नाम राजेश हे। प्यार से सब राजू बुलाते है। में २२ साल का हु। और मे जामनगर (गुजरात) मे रहेता हू.

आज में मेरे दोस्त किशन कि कहानी सुनाने जा रहा हु। उसके अंकल ने केसे उसकी माँ चोद दी। में और किशन बहोत अच्छे फ्रेंड हे में अक्सर उसके घर रहता हु किशन कि माँ बहोत सेक्सी हे में अक्सर उसके बोल देखता हु।

अब आता हु कहानी पर

एक दिन किशन और उसके पापा कुछ काम से बहार गए थे। मुझे पता नहीं था में उसके घर गया तो उसकी माँ ने बोला के वो दोनों बहार गए तो में वापस अपने घर जेन लगा तो किशन कि माँ ने बोला आज किशन के अंकल आ रहे हे तो तुम थोडा मेरा काम करवा दो में खुस हो गया क्युकी काम करते समय उसके बोल देखने को मिलते थे। हम काम करने लगे तभी अंकल आ गए किशन कि माँ ने चाय पानी दिया और काम करने लगी।

अंकल जामनगर पर किसी काम से आए थे और उन्हें 3-4 दिन वहीं पर ही रुकना था। उन्होंने खुद के लिए एक होटल में कमरा किराए पर ले रखा था। जब अंकल घर आए तो वो सभी के लिए काफ़ी सामान लाए थे। आने के बाद वो हॉल में बैठ कर टी वी देख रहे थे।

फिर किशन कि मने मुझे कहा तू भी यही खा लेना तो मेने हा में सर हिला दिया। और हैम खाना खाने के बाद मैं, किशन की मम्मी, अंकल के साथ हॉल में बैठे थे और बातें कर रहे थे। किसी बात पर मोनु की मम्मी रोने जैसी हो गई थी और अंकल उन्हें समझा रहे थे। तभी अंकल ने मुझे यह कह कर बाहर खेलने भेज दिया कि बच्चों को ऐसी बातें नहीं बतानी चाहिए, इससे उनके मन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, पर मेरा मन तो आंटी पर ही था। मैं वहाँ पर रुकना चाहता था और उनकी बातें सुनना चाहता था, पर आंटी ने मुझे बाहर भेज दिया।

मैं घर के सामने पार्क में खेलने चला गया । पर मुझे उनकी बातें सुननी थीं तो मैं वापस घर आ गया और अंदर ना जाकर बाहर गेट के पास खड़ा हो कर उनकी बातें सुनने लगा।

अंकल कह रहे थे कि यह सब तो घर में चलता रहता है। इस पर घर छोड़ना सही बात नहीं।

किशन कि ममी बोली पर वो बहोत जगड़ा करते हैं, मुझे परेशान करते हैं।

मुझे समाज आ गया कि किशन के पापा कि बात हो रही हे।

और कुछ बात कह कर किशन कि मम्मी रोने लगीं, अंकल उनको चुप कराने लगे, कभी उनके आँसू पोंछते कभी कुछ।

तभी किशन कि मम्मी उनके गले से लग कर रोने लगीं। अंकल उनके सर पर हाथ फेर रहे थे। थोड़ी देर बाद किशन कि मम्मी का रोना बंद हो गया पर किशन कि मम्मी अंकल से चिपक कर ही खड़ी रहीं।

किशन कि मम्मी और अंकल के हाथ दोनों की कमर पर फिर रहे थे। थोड़ी देर बाद अंकल किशन कि मम्मी के होंठों को चूमने लगे। में समज गया के किशन कि मम्मी अंकल के साथ चालू हे । मुझे सेक्स के बारे मे सब कुछ पता था।

अंकल ने किशन कि मम्मी को सोफे पर पटक दिया और उनका ब्लाउज खोल कर उनके स्तनों को चूसने लगे। उसके बाद उन्होंने अपने पैंट और अंडरवियर भी नीचे सरका दी। किशन कि मम्मी का घाघरा ऊपर करके उनकी पैंटी उतार दी। उन्होंने किशन कि मम्मी को ऊपर-नीचे किया और अपना लंड चूत में डाल दिया।

किशन कि मम्मी तो सोफे पर बस अपनी आँखे बंद कर के लेटी हुई थीं।किशन कि मम्मी के हाथ अंकल की कमर पर थे। थोड़ी देर बाद ही किशन कि मम्मी ने अपनी दोनों टाँगें अंकल की कमर से जकड़ दीं। अब अंकल किशन कि मम्मी को हचक कर चोद रहे थे। किशन कि मम्मी भी पूरी तरह से उनका साथ दे रही थीं।

करीब 10 मिनट के बाद अंकल ने किशन कि मम्मी को औंधा करके कुतिया जैसा बना दिया और अब किशन कि मम्मी के स्तन सोफे की तरफ झूल रहे थे और किशन कि मम्मी की चूत अंकल की तरफ थी। अंकल ने उसकी चूत में लौड़ा डाल दिया। अब किशन कि मम्मी घोड़ी बन कर चुदा रही थीं।

कुछ देर बाद अंकल ने किशन कि मम्मी को फिर सीधा किया और उन पर चढ़ गए और तेज धक्के मारने चालू कर दिए।

किशन कि मम्मी की मुँह से लगातार चीखें निकल रही थीं। थोड़ी देर बाद अंकल चूत में अपना लौड़ा घुसेड़ कर एकदम से अकड़ गए और फिर निढाल हो कर लेट गए।

किशन कि मम्मी उठीं और अपनी पैंटी पहन कर कपड़े ठीक करके बोलीं- आज जाने कितने दिनों बाद चुदाई की है। मैं तो लाख कोशिश करने के बाद भी रुक नहीं पाई।

तभी मुझे पता चला कि किशन के पापा उसकी मम्मी को चोदते नहीं हे। वोही प्रॉब्लम कि बात अंकल से कर रही थी। तभी अंकल बोले - मैं तो कबसे तुम्हें चोदने की सोच रहा था, पर आज मौका मिला है। रात को और मज़े से करेंगे। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

तभी किशन कि मम्मीने मुझे बुलाया और हैम दोनों रात के खाने के लिए सामन लाने चले गए। रस्ते में किशन कि मम्मी ने मुझे कहा तुम रात को हमारे घर पर रुक जाना मुझे काम करवाना। मेने बोला ठीक हे आंटी। रात को खाना खाने के बाद हम लोग टीवी देख रहे थे। किशन कि मम्मी और अंकल पास-पास ही बैठे थे। अंकल के हाथ आंटी की कमर पर थे और आंटी बार बार हटा रही थीं और धीरे से कह रही थीं- राजेस देख लेंगा।

किशन कि मम्मी ने मुझे सोने के लिए कहा, पर मे टीवी देखने के लिए कह दिया। शायद दोनों से इंतजार नहीं हो पा रहा था।

तो किशन की मम्मी ने अंकल की तरफ देखते हुए हंस कर कहा- मैं रसोई में जाकर बर्तन साफ कर लेती हूँ। तुम टीवी देख कर सोने चले जाना।

और आंटी रसोई मे चली गई। थोड़ी देर बाद अंकल भी उठे और कहा- राजू , मैं तो सोने जा रहा हूँ।

अंकल का कमरा रसोई के पास वाला ही था। थोड़ी देर बाद जब मैं चुपचाप रसोई की तरफ गया तो कुछ आवाजें आ रही थीं। मैंने देखने की सोची और मैं रसोई की खिड़की में से देखने लगा। मैंने देखा कि किशन की मम्मी किचन की स्लैब पर हाथ टिका कर खड़ी हैं और पीछे से अंकल उनका गाउन ऊपर कर के उनकी चूत में लंड डालने की कोशिश कर रहे थे।

कुछ देर बाद आंटी ने कहा- हम लोग कमरे में चलते हैं।

अंकल ने कहा- अगर राजेश आ गया तो !

किशन की मम्मी बोली वो तो टीवी में बिज़ी हैं, नहीं आयेगा। अगर वो आ गया तो उससे चुदा लुंगी। ये सुन कर में खुश हो गया कि बेटा राजु तुजे भी चूत मिल् सकती हे। पर मुजे डर लग रहा था। में बस चुपचाप देखता रहा। और आंटी बोली,

अब छोड़ो यार, एक राउंड तो कर लेते हैं, ऐसे छुप-छुप कर ही तो मज़ा आता है। अंकल ने कहा- चलो !

और दोनों कमरे में चले गए। अंदर जाते ही दोनों ने दरवाजे की कुण्डी लगा दी कि कहीं में ना आ जाउ।

मैंने की-होल के छेद में से देखा तो अंकल किशन की मम्मी को अपना लंड चुसवा रहे थे और आंटी चूस रही थीं। यह देख कर मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।

थोड़ी देर बाद किशन की मम्मी पलंग पर अपनी टाँगें फैला कर लेट गईं और बोलीं- जल्दी से चोद लो मेरे राजा।

फिर अंकल ने लंड तुरंत आंटी की चूत में डाल कर चुदाई चालू कर दी। अंकल जबरदस्त झटके मार रहे थे। किशन की मम्मी के मुँह से सीत्कारें निकल रही थीं। कमरे में से उन दोनों की धकापेल चुदाई की मादक ‘आहें’ और ‘फूउक्छ फॅक’ की आवाजें भी आ रही थीं।

किशन की मम्मी अंकल को धीरे करने के लिए कह रही थी कि कहीं में ना सुन लू। मगर अंकल पर इसका कोई असर नहीं हो रहा था। वो तो बस अपनी छिनाल सलहज को चोदने में लगे रहे और बाद में किशन की मम्मी भी उनका साथ देने लगीं।

करीब आधे घंटे के बाद अंकल किशन की मम्मी के ऊपर ढेर हो गए और ज़ोर से झटके मार कर झड़ने लगे। उसके बाद मम्मी उठी और गाउन ठीक करती हुई बोलीं- राजेस को देख कर आती हु। रात को देरसे आपके कमरे में आउगी। यह बोल कर बहार आने लगी।

आंटी को बाहर आता देख मैं भी जल्दी से टीवी के पास जाकर बैठ गया। बाद में आंटी ने मुझे कमरे में जाकर सोने के लिए बोल दिया और खुद अंकल के कमरे में चुदवाने चली गईं। और खूब चुदाई कि, उन्होंने तो बाथरूम, किचन, हॉल, स्टोर, छत, हर जगह धकापेल चुदन-चुदाई की।

और दूसरे दीन मेने आंटी को बताया कि मुझे आपका और अंकल का सब पता हे तो आंटी ने बोला तू किसीको बताना मत तेरा भी हो जायेगा मेने भी आंटी को मस्त चोदा फिर क्या अंकल तो चले गए थे लेकिन मुझे कई बार चुदाई का मोका मीला फिर मेने आंटी को और उसकी एक सहेली थी उसका पति बहार रहता था और बहोत बीजी था चोदता नहीं था तो मेने उसकी भी प्यास भुजाई और उसको खुस किया तो उसने मुझे 5 000 रूपया दिया तो मेने नहीं लिए।


मेरी कहानी केसी लगी बताना जरूर।

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